अभिमन्यु ईश्वरन के घर हुई डकैती में प्रयुक्त कार बरामद

देहरादून : क्रिकेटर अभिमन्यु ईश्वरन के माता-पिता समेत पांच लोगों को बंधक बनाकर की गई डकैती में प्रयुक्त कार भी पुलिस ने बरामद कर ली है। कार की बरामदगी दिल्ली में गिरफ्तार फिरोज की निशानदेही पर नोएडा से की गई है। राजपुर पुलिस फिरोज को लेकर देहरादून पहुंची और उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। फिरोज के पास से पचास हजार रुपये नकद और एक सफेद धातु की चेन भी बरामद की गई है।

बता दें कि अभिमन्यु क्रिकेट ऐकेडमी के संचालक आरपी ईश्वरन के घर में हुई डकैती मामले में पुलिस ने दिल्ली व देहरादून के अलग-अलग स्थानों से मास्टरमाइंड वीरेंद्र ठाकुर निवासी छतरपुर थाना मैदान गढ़ी दिल्ली, मोहम्मद अदनान निवासी पान मंडी सदर बाजार दिल्ली, फिरोज निवासी ई-6, 304 सनलाइट कॉलोनी पुरानी सीमापुरी दिल्ली व मुजीबुर रहमान उर्फ पीरू निवासी आजादनगर कॉलोनी रायपुर व फुरकान निवासी अलावलपुर भगवानपुर हरिद्वार को गिरफ्तार किया था।

वहीं, फिरोज को नोएडा से पकड़ा गया था। फिरोज को लेकर राजपुर पुलिस ने कई स्थानों पर दबिश दी, जिसमें वारदात में प्रयुक्त नीले रंग की शेवरोलेट बीट कार भी बरामद कर ली गई। यह कार मोहम्मद अदनान के नाम पर रजिस्टर्ड है।

एसओ राजपुर अशोक राठौर ने बताया कि हैदर निवासी नूरपुर चांदपुर बिजनौर, फहीम निवासी रघुवीरनगर दिल्ली व मिश्रा पता अज्ञात की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

पुलिस के अनुसार वारदात में शामिल फहीम का फिरोज सगा भाई है। वारदात को अंजाम देने के बाद वीरेंद्र ने दिल्ली जाते समय कार नोएडा की एक पार्किंग में खड़ी कर दी और फिरोज को फोन कर कहा कि वह कार को पार्किंग से निकाल कर किसी कबाड़ी के यहां ले जाकर कटवा दे।

फिरोज को इस काम के लिए पचास हजार रुपये कैश दिए गए थे। सरगना समेत चार के पकड़े जाने की खबर जब फिरोज को मिली तो वह पार्किंग में खड़ी कार को लेने आया और पकड़ा गया।

26 मई को वसंत विहार के विजय पार्क इलाके में हुई 1.31 करोड़ की डकैती की भी पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती उस शख्स के बारे में जानकारी जुटाना है जो वीरेंद्र के गैंग का निशाना बना। साथ ही यह भी जानना है कि उस शख्स ने वारदात के बाद पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी।

यहां गौर करने वाली बात यह है कि आरपी ईश्वरन को डकैतों ने धमकी दी थी कि उन्होंने किसी को यह बात बताई तो उन्हें और उनके बेटे को जान से मार देंगे, लेकिन ईश्वरन ने 45 मिनट की देरी से ही सही पुलिस को सूचना दी और बदमाश पकड़े गए। ऐसे में सवाल यह भी है कि क्या विजय पार्क में रहने वाले अधिकारी को भी धमकी दी गई थी, जिसके चलते वह चुप रह गए। सवाल कई हैं, जिनके जवाब ढूंढने में पुलिस जुट गई है।

आरपी ईश्वरन के घर में हुई डकैती की मोड्स ऑपरेंडी की तह तक जाने और 1.31 करोड़ रुपये की डकैती के रहस्य से पर्दा हटाने को राजपुर पुलिस गिरफ्तार आरोपितों की पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए अर्जी कोर्ट में लगा सकती है। रिमांड मिलने के बाद पुलिस विजय पार्क के उस घर तक पहुंचेगी, जहां बीती 26 मई को वारदात को अंजाम दिया गया था।

Category: देहरादून

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