खुद के इलाज की बाट जोह रहे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र

By | April 3, 2019

मानिला  बेशक सरकारें पर्वतीय क्षेत्रों में चिकित्सा व्यवस्था को पटरी पर लाने के तमाम दावे करें, मगर हालात बहुत अच्छे नहीं हैं। आलम यह है कि सुदूर में तमाम प्राथमिक या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ऐसे हैं जो खुद के इलाज की बाट जोह रहे। कहीं जरूरी संसाधन नहीं, जहां हैं तो वहां चिकित्सकों अथवा तकनीशियनों का अभाव मुश्किल खड़ी कर रहा।

हजारों ग्रामीणों की सेहत का जिम्मा संभाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवायल बदहाल स्वास्थ्य सेवा की बानगी भर है। विकासखंड सल्ट के देवायल में वर्ष 2009 में 30 बैड वाला पीएचसी अस्तित्व में आया। वर्ष 2015 में इसे सीएचसी का दर्जा मिला।

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