हरिद्वार सिडकुल की कैंटीनों की जांच में विभाग की सुस्ती पड़ी भारी

By | March 11, 2019

हरिद्वार: सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र में करीब छह सौ फैक्ट्री संचालित होती हैं। इसमें ऑटो मोबाइल, इलेक्ट्रिक, जूते, चप्पल, कैशरोल, मोबिल आयल, मोटर पा‌र्ट्स, धागे, औषधि निर्माता, सीरिज बनाने के उद्यम संचालित होते हैं। इसमें से 150 से अधिक उद्योगों में फैक्ट्री के अंदर ही कैंटीन भी संचालित होते हैं। मगर विभाग इनकी गंभीरता से जांच करने में भी हीलाहवाली करता है। जिसका खामियाजा काम करने वाले श्रमिकों को भुगतना पड़ रहा है। सिडकुल हरिद्वार में देश की नामी गिरामी कंपनियों सहित तकरीबन छह सौ उद्यम संचालित होते हैं। इसमें से 150 से अधिक में कैंटीन भी संचालित होते हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग का दावा है कि इन सबके पास फूड लाइसेंस भी है।

लेकिन लाइसेंस जारी कर विभाग अपने कर्तव्य की इतिश्री मान लेता है। ऐसे में इसका लाभ कैंटीन के संचालन करने वाले मुनाफा कमाने के फेर में मानक विहीन खाद्य पदार्थों का प्रयोग करने भी नहीं चूकते हैं। हालांकि श्रमिकों के गुणवत्ता को लेकर उठने वाली आवाज भी फैक्ट्री संचालक बाहर तक आसानी से नहीं आने देते। सिडकुल की एक फैक्ट्री में 23 कर्मचारियों के फूड प्वाइजनिग का शिकार होने के बाद अब विभाग की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। यदि विभाग समय समय पर इन उद्यमों में संचालित कैंटीन में गुणवत्ता की जांच करते तो शायद ऐसी नौबत ही नहीं आती। अब इसके बाद विभाग कितना जागृत होगा यह तो समय भी बताएगा। स्टाफ की कमी का रोना रोता है विभाग

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