जंगली जानवर से हो रहा किसान परेशान

सुभाष पिमोली(चमोली)

चमोली , किसानों को बागवानी व उन्नत खेती के लिए भले ही प्रदेश सरकार तमाम योजनायें बना रही है। मगर फसलों को नुकसान पहुचा रहे जंगली जानवरों के आतंक को लेकर सरकारें भी मौन बैठी हुई है। पोखरी ब्लाक के गिरसा गांव में इन दिनों जंगली जानवरों के आतंक से काष्तकार परेशान है। यहां जंगली जानवरों ने किसानों की फसलों को काफी नुकसान पहुचाया हैं जिससे परेशान ग्रामीणों ने वन विभाग से फसल की छति का मुआवजा देने की मांग की है।

उत्तराखण्ड के पर्वतीय जिलों मे रहनें वाले अधिकांश लोग काष्तकारी कर जीवन यापन करते है। मगर मगर कुछ समय से काष्तकारों की खेती पर जंगली जानवरों की ऐसी नजर पडी कि जंगली सुअर खरगोश व बंदर फसलों को नुकसान पहुचा रहे है। ताजा मामला पोखरी विकास खण्ड के जिलासु तहशील के गिरसा गांव का सामने आया है।

जहां पर कि काष्तकारों द्वारा 41‐86 हेक्टेयर सिंचित भूमि पर काष्तकारी की जाती है। काष्तकार दिनभर खेतो में पसीना बहाकर मेहनत कर जीवन यापन करते है। मगर कुछ समय से जंगली जानवरों द्वारा लगातार फसलों को नुकसान पहुचा कर फसलों को रौंदा जा रहा है। जिससे किसानों को मेहनत के बदले कुछ भी हासिल नही आ रहा है। जिससे परेशान किसानों ने वन विभाग से फसलों की छति के मुआवजे की मांग की है।

पहाडों में दिन प्रति दिन जंगली जानवरों के आतंक से परेशान किसान करे तो करे क्या । फसलों को नुकसान पहुचा रहे जंगली जानवर अब जंगलों को छोड आवासीय बस्ती तक आ गये है। जिससे बगीचों में फल शब्जियां भी बंदर बर्बाद कर रहे है। पीडित लोगो का कहना है कि जंगली जानवरों से परेशान अब उनका मन खेती में भी नही लग रहा है।

यही वजह है कि आज लोगा खेती छोड पहाडों से मैदानी क्षेत्रों की ओर पलायन कर रहे है। सरकारों को इस बारे में सोचना चाहिए ताकि खेती पर लोगो का मन लगा रहे । उन्होने स्थानीय विधायक महेन्द्र भटट पर भी क्षेत्र की अनदेखी का आरोप लगाया है। गांव के किसान बिजयपाल सिंह नेगी ने कहा कि विधायक सिर्फ वोट मांगने आते है और फिर दिखायी नही देते है

अगर विभाग ने हमारी समस्या का निदान नही किया तो जिलाधिकारी से गुहार लगाई जायेगी ।क्षेत्र में जंगली जानवरों के आतंक से परेशान किसानों की शिकायत पर केदारनाथ वन प्रभाग के नागनाथ रेंज के विभागीय अधिकारी गिरसा गांव पहुचे और फसलों की छति का निरिक्षण किया । इस दौरान नागनाथ रेंज के रेंजर ने कहा कि मनुष्य द्वारा जंगलों में घुसपैठ किया जाना इसका मुख्य कारण है।

दिनों दिन हो रहे पेडों के कटान व खानपान के कारण जंगली जानवर आवासीय बस्ती की ओर आ रहे है। जिस कारण वे फसलों को नुकसान पहुचा रहे है। समय समय पर रोकथाम के लिए पिंजरा लगाकर बंदरों को बाहर छोड दिया जाता है। ग्रामीणों की शिकासती पत्र के आधार पर मुआवजा भी दिया जायेगा ।

पहाडों पर हो रहे अनादुन अवैध पेड पौधों का कटान व जंगलों में खानपान की कमी से जंगली जानवर आज बस्ती की ओर आने लगे है। और फसलों को नुकसान पहुचा रहे है । इसकी रोकथाम के लिए हमें जंगलों में अधिक से अधिक फलदार पौधों का रोपण करना चाहिए ताकि जंगजी जानवरों को भोजन के लिए आवासीय बस्तियों की ओर न आना पडे जिससे न सिर्फ हमें जंगली जानवरों के आतंक से निजात मिलेगी बल्कि पर्यावरण साफ व सुन्दर भी होगा ।

Category: उत्तराखण्ड चमोली

About ई टीवी उत्तराखंड

Etv Uttarakhand हम डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म के द्वारा समाचारों, विचारों, साक्षात्कारों की नई श्रृंखला के साथ- साथ खोजी ख़बरों को कुछ हटकर पाठकों तथा दर्शकों के सामने लाने का प्रयास कर रहे है। हमारा ध्येय है कि हमारी खबरें जनसरोकारी हो, निष्पक्ष हों, सकारात्मक हो, रचनात्मक हो, पाठकों तथा दर्शकों का मार्गदर्शन करने में सहायक हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *