हरेंद्र कुमार मिश्र पर 25 हजार रुपये का जुर्माना

By | April 4, 2019

हल्द्वानी- सूचना का अधिकार अधिनियम (आरटीआइ) के तहत सूचना मांगने में लोगों की चप्पलें घिस जाती हैं, लेकिन कई बार जिम्मेदार अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगती। ऐसे में जनहित की सूचना मांगने वाले हताश-निराश हो जाते हैं। ऐसे ही एक केस में उत्तराखंड सूचना आयोग ने ऐसा फैसला सुनाया है जिससे सूचना उपलब्ध कराने में लापरवाही बरतने से पहले जिम्मेदार अधिकारी एक बार जरूर सोचेंगे। आरटीआइ में मांगी गई जानकारी देने में देरी व लापरवाही के लिए लोक सूचना अधिकारी/ बीईओ हल्द्वानी हरेंद्र कुमार मिश्र पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। राज्य सूचना आयुक्त सीएस नपलच्याल की अदालत ने एक अप्रैल को दिए फैसले में कहा है कि 115 दिन विलंब से सूचना उपलब्ध कराने के लिए 250 रुपये प्रतिदिन के अनुसार अधिकतम 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। यह धनराशि तीन माह में राजकोष में जमा करानी होगी। ऐसा न करने पर वेतन, देयकों से तीन किस्तों में रकम काटी जाएगी। आयोग ने जीआइसी बनभूलपुरा की प्रवक्ता किरन कुमारी की आरटीआइ के फैसले में यह अहम फैसला सुनाया है।

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