नवरात्रि के तीसरे दिन भक्‍तों ने की मां चंद्रघंटा की पूजा अर्चना

देहरादून: शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन मां दुर्गा के तीसरे स्‍वरूप मां चंद्रघंटा की उपासना की जा रही है। मान्‍यता है कि लाल साड़ी पहले मां चंद्रघंटा सिंह पर सवार हैं और उनके दस हाथ हैं। अर्धचंद्र उनके माथे की शोभा बढ़ा रहा है, यही वजह है कि मां नव दुर्गा के इस तीसरे स्वरुप को चंद्रघंटा कहा जाता है। मां के इस स्वरूप की हर्षोल्लास के साथ मंदिरों व घरों में पूजा की गई। श्रद्धालु अल सुबह से मां के दर्शन के लिए मंदिरों के बाहर कतार में लग गए थे।

मेला मय्या अरविंद सांई जागरण समिति ने मां के भजनों का गुणगान किया। जिसे सुन सब मंत्रमुग्ध हो गए। रंग बरसे माता रानी के दरबार में रंग बरसे, तूने मुझे बुलाया शेरावालिए, मैं आया मैं आया शेरावालिए.. के भक्ति गीत गूंजते ही मंदिर के आस-पास का माहौल भक्तिमय हो उठा। इस उपलक्ष्य पर अनिल गोयल, ललित अहूजा, हर्षा अहूजा, राजेंद्र आनंद, नवीन गुप्ता, विकी गोयल, शैलेंद्र सिंघल, अमित गोयल, राजकुमार गुप्ता, तुषार बंसल सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

आचार्य जोशी मां वैष्णो देवी गुफा योग मंदिर टपकेश्वर में आचार्य विपिन जोशी ने भक्तों को ब्रह्मचारिणी का अर्थ बताया। उन्होंने बताया कि शक्ति ही जीवन और जगत का आधार है। शक्ति के बिना जीवन अधूरा और निष्प्राण हो जाता है। जीवनदायिनी शक्ति की पूजा का पर्व ही नवरात्र है। नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। ब्रह्मचारिणी यानि अनुशासित करने वाली शक्ति। उन्होंने देवी के इस रूप की व्याख्या करते हुए बताया कि मां का यह अवतार अति सौम्य, सरल, सदा प्रसन्न रहने वाली और क्रोध न करने वाला है।

दूसरे नवरात्र के पावन अवसर पर सोमवार को 108 ब्राह्मणों ने मंदिर में आकर मां का पूजा पाठ किया। पुजारी मनोहर सेमवाल ने श्री राम चरित्र मानस का पाठ पड़ा। ब्राह्मणों ने मिलकर मां जगदंबा की आरती की। इस अवसर पर गगन सेठी, रमेश साहनी, एलडी भाटिया, एनके दत्ता. दयाल धवन, सुरेंद्र कुमार, उमेश मनोचा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

Category: उत्तराखण्ड

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