पूरी हुई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बायोपिक की शूटिंग

By | March 12, 2019

उत्तरकाशी-  गंगा के किनारे और हिमालय की गगन चूमती सुदर्शन, बंदरपूंछ, सुमेरू और श्रीकंठ चोटियों की गोद में 7,860 फीट की ऊंचाई पर बसे हर्षिल घाटी को मिनी स्विट्जरलैंड भी कहा जाता है। यहां की खूबसूरत वादियां फिल्मी दुनिया के लोगों को भी अपनी ओर खींच रही हैं।

देवदार के घने जंगल, चारों फैले बेशुमार सौंदर्य, रंगबिरंगे खिले फूल, हिमाच्छादित चोटियां और पहाड़ों पर पसरे हिमनद के बीच शांत होकर बहती भागीरथी (गंगा) ने हर्षिल को हर्षित बनाया है। भागीरथी के तट पर फैली हर्षिल घाटी में नदी-नालों, जल-प्रपातों की भरमार मन को बरबस अपनी ओर खींचती है तो शांत वेग से बहती भागीरथी और देवदार के सघन वृक्षों की छांव के बीच शीतल मंद पवन मन को जीत लेती है।

यहां गर्मी का मौसम हो या फिर कड़ाके की सर्दी। पर्यटकों को रोमांचित करने वाला हर पल होता है। भले ही इस घाटी का समय पर फिल्मी दुनिया में प्रचार-प्रसार नहीं हो पाया, लेकिन अब फिल्म निर्माता इस घाटी में खींचे चले आ रहे हैं।

गौरतलब है कि हर्षिल घाटी में 1984 में राम तेरी गंगा मैली फिल्म की शूटिंग हुई थी। इसके बाद यह क्षेत्र फिल्मी दुनिया से गुमनामी की ओर चला गया। पर पिछले कुछ तीन वर्षों से यहां फिल्म व सीरियल की शूटिंग के लिए कई टीमें पहुंच चुकी हैं।

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