वनकर्मियों की मिलीभगत से कोर जोन जम के हो रही सफारी

उत्‍तराखंड के राजाजी नेशनल पार्क में बाघों को खतरा

वनकर्मियों की मिलीभगत से कोर जोन जम के हो रही सफारी

कैलाश जोशी अकेला/अनुज नेगी

पौड़ी। बाघों के लिए सुरक्षित कहे जाने वाले राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क के गौहरी रेंज में अब बाघों की जान पर खतरा मंडराने लगा हैं। कारण यह है कि पार्क क्षेत्र में वनकर्मी चन्द लालच के लिए कोर जोन में सफारी करा रहे है।
राजाजी टाइगर पार्क के गौहरी रेंज बेहद ही संवेदनशील मानी जाती है सघन वन होने के साथ ही इसे पार्क का कोर एरिया माना जाता है। बीते कुछ वर्षो में तांबाखानी नामक इस बीट में बाघो संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। यह छेत्र हमेशा से वन्यजीव तस्करो की निगाह में रहा है ।सघन निगरानी के लिए कुछ वर्ष पूर्व कुनाउ बगले के पास ईस गस्ती ट्रैक का निर्माण किया गया था। बाघो को स्वंतंत्र वातावरण मिले, इसे देखते हुए इस छेत्र में मानवीय गतिविधियो पर पूर्णतया प्रतिबन्ध लगाया गया है। मगर उसके बावजूद भी पैसो के लालच में ये वन कर्मी खुलेआम इन छेत्रो में बाहर से आने वाले यात्रियों को इस तरह की सफारी करवाते रहते है।
आपको बता दे इसी रेंज के विंध्यवासिनी क्षेत्र में मौजूद ये कैम्पस रात होते ही सक्रिय हो जाते है। अक्सर पर्यटकों से मोटी रकम वसूल करके रात में सफारी का लालच दिया जाता है विंध्यवासिनी क्षेत्र में पूर्व में भी कई बार इस तरह की शिकायते आ चुकी है मगर उसके बावजूद भी आज तक इन कैम्पो मे नकेल नही कसी जा सकी है यही वजह है कि ये कैम्प प्राइवेट सफारी के नाम पर जंगल की सुरक्षा को तार तार कर रहे है।

वर्जन

“मामला संज्ञान में नहीं है, लेकिन यदि कोर जोन क्षेत्र में किसी भी प्रकार की सफारी हो रही होगी तो इसकी जाँच की जाएगी, पार्क के कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी ।

बी के पात्रों डारेक्टर राजाजी टाइगर पार्क

केप्शन-राजाजी पार्क के कोर जोन में सफारी करते पर्यटक

Category: ख़ुलासा

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