आरक्षण मामले में आर्य को मनाने की हुई कोशिश

देहरादून । सरकारी सेवाओं में पदोन्नति पर पहले रोक लगाने और फिर सरकारी सेवाओं में सीधी भर्ती को लेकर आरक्षण का नया रोस्टर जारी होने के बाद सरकार के भीतर रार बढ़ गई है। सरकार के इस कदम से खफा परिवहन व समाज कल्याण मंत्री और आरक्षण का नया रोस्टर तय करने को गठित कैबिनेट सब कमेटी के अध्यक्ष रहे यशपाल आर्य ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के समक्ष इस्तीफे की पेशकश कर डाली।

 

काबीना मंत्री आर्य और सत्तापक्ष के आरक्षित वर्गों के विधायकों के रुख से गर्मा रही अंदरूनी सियासत को भांपकर सरकार ने नाराज सहयोगियों को साधने की कसरत तेज कर दी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ट्वीट कर कहा कि पदोन्नति में आरक्षण के रोस्टर का परीक्षण करने को कैबिनेट सब कमेटी गठित की जाएगी। सब कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर सरकार आगे फैसला लेगी। उन्होंने कहा कि पदोन्नतियों में लगी रोक को शीघ्र खोला जाएगा।

 

पदोन्नति में आरक्षण का मसला सरकार के गले की फांस बन गया है। इस मामले से संबंधित याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है। इस बीच बीते रोज सरकार ने आदेश जारी कर सरकारी सेवाओं के सभी संवर्गों में पदोन्नति प्रक्रिया स्थगित कर दी। साथ ही सरकार ने प्रदेश के लिए निर्धारित आरक्षण का नया रोस्टर भी जारी कर दिया।

पदोन्नति पर रोक लगने और नया आरक्षण रोस्टर जारी होने की जानकारी मिलने पर काबीना मंत्री यशपाल आर्य अपनी नाराजगी जताने से नहीं चूके। बीते बुधवार को देर सायं चली मंत्रिमंडल की बैठक खत्म होने के बाद काबीना मंत्री आर्य ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात कर अपना इस्तीफे देने की पेशकश कर दी। उस वक्त वहां चार मंत्री और अधिकारी भी मौजूद थे। काबीना मंत्री आर्य के वहां से जाते ही मुख्यमंत्री ने मनुहार की कोशिशें भी तेज कर दीं। आनन-फानन एक वरिष्ठ मंत्री को वार्ता के लिए आर्य के पास भेजा गया। वरिष्ठ मंत्री सीधे यशपाल आर्य के यमुना कालोनी स्थित आवास पहुंचे, लेकिन आर्य उनसे नहीं मिले।

Category: उत्तराखण्ड

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