खोह नदी में निर्माणाधीन पुल पर मंडराने लगा संकट

By | March 16, 2019

कोटद्वार। ग्रास्टनगंज को गाड़ीघाट से जोड़ने के लिए खोह नदी में निर्माणाधीन पुल पर काम पूरा होने से पूर्व ही संकट मंडराने लगा है। लोनिवि की ओर से लगाए गए नोटिस बोर्ड में पुल के दोनों ओर 200 मीटर तक खनन करने पर प्रतिबंध लगाया गया है, लेकिन खनन कारोबारियों ने नोटिस बोर्ड को धता बताकर पुल की जड़ तक खोद डाली है। कोटद्वार शहर में यातायात के बढ़ते दबाव और भविष्य में बाईपास मार्ग की संभावनाओं को देखते हुए वर्ष 2015 में ग्रास्टनगंज में खोह नदी में 90 मीटर स्पान के डबल लेन मोटर पुल के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई थी। पुल निर्माण के लिए सरकार की ओर से करीब 4.04 करोड़ की मंजूरी प्रदान की गई। पांच अगस्त 2015 को पुल का निर्माण शुरू कर दिया गया था।

पुल को डेढ़ साल के भीतर चार फरवरी 2017 तक बनाया जाना था, लेकिन शासन से धनराशि उपलब्ध नहीं होने के कारण निर्माण कार्य में विलंब हुआ। अब पुल का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन एप्रोच रोड का काम बाकी है। लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने से एक दिन पहले क्षेत्रीय विधायक और वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने पुल का लोकार्पण भी कर दिया, लेकिन हाल यह है कि खननकारी खोह नदी में खनन करते हुए पुल की जड़ तक पहुंच चुके हैं। बेखौफ खननकारी निर्माणाधीन पुल के साथ ही रतनपुर सुखरो को जोड़ने वाले पुल तक खनन करने में जुटे हैं। प्रशासनिक अमले के चुनाव तैयारियों में जुटे होने के कारण खनन कारोबारी अब दिन में भी खनन करवा रहे हैं। ग्रामीणों की मानें तो खनन मजदूर सुबह ही नदियों में उतर जाते हैं और दिनभर खनन करते हैं। शाम ढलते ही ये खनन सामग्री ट्रैक्टर-ट्रालियों में भरकर ले जाते हैं। ग्रामीणों ने कहा कि नदी में अवैध खनन होने से नवनिर्मित पुल के साथ ही चेकडैम और रतनपुर को जोड़ने वाले पुल को भी खतरा उत्पन्न हो गया है।

लोक निर्माण विभाग दुगड्डा के अधिशासी अभियंता निर्भय सिंह ने बताया कि अवैध खनन से पुल को बने खतरे को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को सूचना दी गई है। 

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