वन विभाग क्यों कर रहा 60 करोड़ की बेशकीमती लकड़ियां बर्बाद

हल्द्वानी: एक दौर में राज्य के लाभकारी निगमों में शुमार रहे उत्तराखंड वन विकास निगम की माली हालत लगातार गिर रही है। पिछले दो वर्षों से यह निगम घाटे में चल रहा है। निगम की गवर्निंग बॉडी (जीबी) की बैठक में इस पर चिंता भी जताई गई। बताया गया कि चालू वित्तीय वर्ष में निगम का घाटा 46 करोड़ रहने का अनुमान है। पिछले वित्तीय वर्ष में निगम 7.46 करोड़ के घाटे में था।

दरअसल, कुमाऊं मंडल के पांच वन डिवीजनों में करीब दस हजार घन मीटर जैसे साल, शीशम, खैर और सागौन सहित कई बेशकीमती लकड़ियां पिछले कई दशकों से खुले आसमान में धूप और बरसात में खराब हो रही हैं. वहीं कई लकड़ियों को दीमक चाट गये हैं. लेकिन सालों से डंप पड़ी लकड़ियों की वन विभाग नीलामी नहीं करवा रहा है. जिसके चलते करीब 60 करोड़ की बेशकीमती लकड़ी बर्बादी के कगार पर है. अगर समय रहते वन विभाग इन लकड़ियों की नीलामी कर देता है तो सरकार को लगभग 60 करोड़ के राजस्व का इजाफा होता. बता दें कि सभी बेशकीमती लकड़ियां जंगल से अवैध रूप में काटी गई हैं. जिनको वन तस्करों के पास से बरामद किया गया है. ये बेशकीमती लकड़ियां करीब 30 से 40 साल से यूं ही पड़ी हुई हैं. अधिकतर लकड़ियों के मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं.

Category: ख़ुलासा

About ई टीवी उत्तराखंड

Etv Uttarakhand हम डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म के द्वारा समाचारों, विचारों, साक्षात्कारों की नई श्रृंखला के साथ- साथ खोजी ख़बरों को कुछ हटकर पाठकों तथा दर्शकों के सामने लाने का प्रयास कर रहे है। हमारा ध्येय है कि हमारी खबरें जनसरोकारी हो, निष्पक्ष हों, सकारात्मक हो, रचनात्मक हो, पाठकों तथा दर्शकों का मार्गदर्शन करने में सहायक हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *